‘आचार परमो धर्मः’ का अर्थ

(A) कण्व कहते हैं– वृक्षों ने इस शकुन्तला को पतिगृह जाने की अनुमति दे दी है।
(B) अपने किये गये दोषों का फल निश्चय ही स्वयं को भोगना पड़ता है।
(C) आचार ही परम धर्म है।
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : आचार ही परम धर्म है।
Explanation : संस्कृत सूक्ति 'आचार परमो धर्मः' का हिंदी में अर्थ– आचार ही परम धर्म है। संस्कृत की यह सूक्ति मनुस्मृति 01/108 से ली गई है। State TET, CTET, TGT, PGT आदि परीक्षाओं के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत सूक्तियां हिंदी में अर्थ सहित पढ़े–
अनुपयुक्तभूषणोsयं जन:। (अभिज्ञान शाकुन्तलम् अड़्क 4)
हिंदी में अर्थ– दोनों सखियां शकुन्तला को आभूषण धारण कराते हुए कहती हैं 'हम दोनों आभूषणों के उपयोग से अनभिज्ञ हैं' अत: चित्रावली को देखकर आभूषण पहनाती हैं।

आभरणोचिंत रूपमाश्रमसुलभै: प्रसाधनैर्विप्रकार्यते। (अभिज्ञान शाकुन्तलम् अड़्क 4)
हिंदी में अर्थ– प्रियंवदा कहती है– आभूषण के योग्य रूप आश्रम में प्राप्त अलंकारों से विकृत किया जा रहा है।
Tags : संस्कृत, संस्कृत सूक्ति
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Web Title : Aachar Parmo Dharma