‘अहिंसा परमो धर्म:’ का अर्थ

(A) जिन दम्पतियों को पुत्र की प्राप्ति नहीं होती है उन्हें लोक शुभ नहीं होते।
(B) अशान्त (शान्ति रहित) व्यक्ति को सुख कैसे मिल सकता है?
(C) अहिंसा परम धर्म है।
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : अहिंसा परम धर्म है।
Explanation : संस्कृत सूक्ति 'अहिंसा परमो धर्म:' का हिंदी में अर्थ– अहिंसा परम धर्म है। संस्कृत की यह सूक्ति महाभारत-अनुशासनपर्व से ली गई है। State TET, CTET, TGT, PGT आदि परीक्षाओं के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत सूक्तियां हिंदी में अर्थ सहित पढ़े–
आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महानरिपु:। (नीतिशतकम्)
हिंदी में अर्थ– आलस्य मनुष्य के शरीर में रहने वाला उसी का घोर शत्रु है।

अस्यामहं त्वयि च सम्प्रति वीतचिन्त:। (अभिज्ञान शाकुन्तलम्)
हिंदी में अर्थ– कण्व कहते हैं– अब मैं इस वनज्योत्स्ना और तुम्हारे विषय में निश्चिन्त हो गया हूं।

भोगीव मन्त्रोषधिरुद्धवीर्य: (रघुवंशम् 2/32)
हिंदी में अर्थ– हाथ के रुक जाने से बढ़े हुए क्रोध वाले, राजा दिलीप, मंत्र और औ​षधि से बांध दिया गया है पराक्रम जिसका, ऐसे सांप की भांति समीप में (स्थित)​ अपराधी को नहीं स्पर्श करते हुए अपने तेज से भीतर जलने लगे।
Tags : संस्कृत, संस्कृत सूक्ति
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Web Title : Ahinsa Parmo Dharma