अपना सिक्का खोटा हो तो राखनहार का क्या दोष का अर्थ

(A) बुरे आचरण वाले अपने परिजन की निंदा सुनना
(B) पिटाई से सबको डर लगता है।
(C) जैसा नाम वैसे गुण, नाम के अनुरूप होना।
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : बुरे आचरण वाले अपने परिजन की निंदा सुनना
Explanation अपना सिक्का खोटा हो तो राखनहार का क्या दोष (Apna Sikka Khota Ho To Rakhanhar Ka Kya Dosh) मुहावरे का अर्थ–'बुरे आचरण वाले अपने परिजन की निंदा सुनना' होता है। मुहावरे का अर्थ–'अपने किसी बुरे आचरण वाले परिजन की जब कोई निंदा करने लगे तब इस कहावत का प्रयोग होता है' होता है। अपना सिक्का खोटा हो तो राखनहार का क्या दोष का वाक्य प्रयोग – अड़ोस-पड़ोस के सभी लोग रमेश के कपूत बेटे की निंदा करते हैं। जब रमेश की पत्नी झुंझलाकर रमेश से कहती है कि तुम चुपचाप क्यों सुनते रहते हो, सबका मुंह क्यों नहीं तोड़ देते? तब दुखी होकर रमेश यही कहकर चुप हो जाता है कि मुहावरा का अर्थ किसी भाषा समृद्धि और उसकी अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है। मुहावरों एवं कहावतों के प्रयोग से भाषा में सजीवता और प्रवाहमयता आ जाती है। सरल शब्दों में मुहावरे लोक सानस की चिरसंचित अनुभूतियां हैं। मुहावरा शब्द अरबी भाषा का है जिसका अर्थ है 'अभ्यास होना' या ‘आदी होना' और यह भाषा के प्राण हैं।
Tags : मुहावरे, सामान्य हिन्दी प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Apna Sikka Khota Ho To Rakhanhar Ka Kya Dosh