असतो मा सद्गमय तमसो मा ज्योतिर्गमय का अर्थ

(A) अत्यधिक प्रेम पाप की आशंका उत्पन्न करता है।
(B) अत्यधिक आदर किया जाना शड़्कनीय है।
(C) मुझे असत् से सत् की ओर ले जायें, अन्धकार से प्रकार की ओर ले जायें।
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : मुझे असत् से सत् की ओर ले जायें, अन्धकार से प्रकार की ओर ले जायें।
Explanation : संस्कृत सूक्ति 'असतो मा सद्गमय तमसो मा ज्योतिर्गमय' का हिंदी में अर्थ– मुझे असत् से सत् की ओर ले जायें, अन्धकार से प्रकार की ओर ले जायें। संस्कृत की यह सूक्ति बृहदारण्यक-1.3.28 से ली गई है। State TET, CTET, TGT, PGT आदि परीक्षाओं के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत सूक्तियां हिंदी में अर्थ सहित पढ़े–
आत्मकृतनां हि दोषाणां नियतम् अनुभवितव्यं फलम् आत्मनैव (कादंबरी/चंद्रापीडकथा)
हिंदी में अर्थ– अपने किये गये दोषों का फल निश्चय ही स्वयं को भोगना पड़ता है।

'अतिस्नेह: पापशंकी।' (अभिज्ञान शाकुन्तलम् अड़्क-4)
हिंदी में अर्थ– अत्यधिक प्रेम पाप की आशंका उत्पन्न करता है।

मार्गे पदानि खलु ते विषमीभवन्ति। (अभिज्ञानशाकुन्तल 4/15)
हिंदी में अर्थ– काश्यप (कण्व) शकुन्तला से कहते हैं कि ऊंची-नीची भूमि को न देखने के कारण इस मार्ग में तेरे पैर वस्तुत: लड़खड़ा रहे हैं।
Tags : संस्कृत, संस्कृत सूक्ति
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Web Title : Asato Ma Sadgamaya Tamaso Ma Jyotirgamaya