बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद का अर्थ और वाक्य प्रयोग

(A) दो व्यक्तियों में बहुत अधिक अंतर होना
(B) बुरा काम बदनामी का कारण बन जाता है
(C) मूर्ख व्यक्ति गुणों की परख नहीं कर सकता
(D) बहुत अधिक प्रत्यन्न करने पर भी, अत्यंत कम लाभ होना

Answer : मूर्ख व्यक्ति गुणों की परख नहीं कर सकता
Explanation : बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद का अर्थ 'मूर्ख व्यक्ति गुणों की परख नहीं कर सकता' यानि 'किसी व्यक्ति को ऐसी चीज मिल जाना जिसका स्वाद या गुण वह न जानता हो' होता है। वाक्य प्रयोग – अरे! तुम उस मूर्ख को गीता पढ़ने को दे रहे हो। जानते नहीं बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद। अन्य वाक्य प्रयोग–काव्य-रस का आनंद कोई रसिक या सहृदय ही ले सकता है। यदि अरसिक और असहृदय किसी रसात्मक रचना की उपेक्षा करे तो बुरा नहीं मानना चाहिए, क्योंकि बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद। लोक अथवा समाज में प्रचलित उक्ति को लोकोक्ति कहते हैं। इन्हें कहावतें भी कहा जाता है। लोकोक्ति का अर्थ सीधा और सरल होता है। ये लोक-जीवन के संचित अनुभव को प्रकट करती हैं। मुहावरे व लोकोक्ति में अंतर : मुहावरा अधिकांशत: वाक्य में प्रयुक्त क्रिया पद होता है।
Tags : लोकोक्तियां, सामान्य हिन्दी प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Bandar Kya Jaane Adrak Ka Swaad Ka Arth