भारतीय कृषक वर्ग का वर्गीकरण ‘मालिक’ किसान और ‘मजदूर’ के रूप में किसने किया?

(A) रेडफील्ड
(B) क्रोबर
(C) डेनियल थार्नर
(D) एम. एन. श्रीनिवास

Answer : डेनियल थार्नर
Explanation : भारतीय कृषक वर्ग का वर्गीकरण ‘मालिक' किसान और 'मजदूर' के रूप में डेनियल थार्नर ने किया। 'भारतीय कृषक वर्ग' सामान्य श्रेणियों में रखने का प्रयास किया है। आरम्भिक प्रयासों में एक प्रयास प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डेनियल थार्नर का है। उन्होंने भारतीय कृषक समाज को समाजिक वर्गों की एक व्यवस्था में श्रेणीकृत करने का प्रयास किया है। उनका विचार है कि भारत की कृषक आबादी को तीन स्तरों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। पहला, भूमि से प्राप्त आमदनी के प्रकार (जैसे 'किराया', 'अपनी खेती से लाभ' या 'मजूदरी') दूसरा, भूमि संबंधी अधिकार (जैसे, 'स्वामित्व' या पट्टेदारी' या फसल में हिस्सेदारी के अधिकार' या 'कोई अधिकार नहीं')। तीसरा, खेत में किए गए कार्य की मात्रा (जैसे, ‘कुछ भी कार्य न करने वाले' या 'आंशिक कार्य करने वाले' या ‘पारिवारिक श्रम से किया गया संपूर्ण कार्य' या 'मजदूरी के लिए दूसरों के लिए काम करने वाले')। इन स्तरों के आधार पर उन्होंने भारत में कृषक वर्ग संरचना का निम्नलिखित रूप प्रस्तुत किया। (i) मालिक : इनकी आमदनी खेतों में स्वामित्व के अधिकार से होती है। इसका मुख्य स्वार्थ किराया अधिक वसूलना और मजदूरी कम देने से होता है। ये पट्टेदारों, उप पट्टेदारों तथा फसल के साझेदारों से किराया वसूला करते हैं। (ii) किसान : काम करने वाले किसान जिनके पास छोटे-छोटे खेत होते हैं और स्वयं तथा अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ श्रम करते हैं। (iii) मजदूर : इनके पास कोई अपना खेत नहीं होता तथा आजीविका पट्टेदारी, फसल बँटाई या दूसरे के साथ मजदूरी करने से चलती है।
Tags : समाजशास्त्र प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Bharatiya Krishak Varg Ka Vargikaran Malik Kisan Aur Majduro Ke Roop Mein Kisne Kiya