भास्कराचार्य की कृति ‘लीलावती’ का फारसी में अनुवाद किया था?

(A) अबुल फजल
(B) फैजी
(C) दारा शिकोह
(D) अलबेरुनी

Question Asked : [UPPCS (Pre) GS Ist History 2006]
Answer : फैजी
भास्करचार्य की कृति 'लीलावती' का फारसी में अनुवाद अकबर के शासनकाल में 'फैजी' ने किया था। लीलावती गणित पर संस्कृत भाषा का ग्रंथ है। अबुल फजल ने संस्कृत के ग्रंथ पंचतंत्र का फारसी में अनुवाद करके उसका नाम 'अनवार-ए-सुहैली' रखा। दाराशिकोह ने सफीनत-उल-औलिया, मज्म-उल-बहरैन आदि ग्रथों की रचना की तथा अनके संस्कृत ग्रंथों का फारसी में अनुवाद किया। अलबरुनी ने 'किताबुल हिंद' की रचना की थी।
Tags : इतिहास प्रश्नोत्तरी, प्राचीन काल भारत, मध्यकालीन भारत
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Web Title : Bhaskaracharya Ki Krati Leelavathi Ka Farsi Mein Anuvad Kiya Tha