दीन ए इलाही (deen e ilahi) क्या था?

(A) सामाजिक असमानता हटाना
(B) महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना
(C) हिंदुओं के हितों का संरक्षण करना
(D) उपरोक्त में कोई नहीं

Question Asked : [MPPSC (Pre) Opt. History 1994]
Answer : उपरोक्त में कोई नहीं
अकबर द्वारा 1582 ई. में दीन-ए-इलाही या तौहीद-ए-इलाही (दैवी एकेश्वरवाद) की स्थापना की गयी। इसका कोई सुस्पष्ट नीतिशास्त्र या दर्शन नहीं था। लेकिन इसके लिए एक परमात्मा में विश्वास करना आवश्यक था। इसमें सामाजिक सुधार के लिए सिद्धातों के साथ दस सद्गुणों के व्यवहार का निर्देश देने वाली एक आचार संहिता शामिल थी। ईश्वर की एकता में विश्वास के अतिरिक्त इसमें किसी धर्म विशेष की कोई विशेषता शामिल नहीं थी। जहां तक अकबर का संंबंध था। यह उसके द्वारा एक ऐसे सूत्र की खोज का एक सच्चा और प्रबल प्रयास था जो सबको संतुष्ट कर सके पर किसी को भी इस पर आपत्ति न हो। जहां तक सामाजिक असमानता हटाने की बात, महिला अधिकारों एवं हिंदुओं के हितों की बात है तो वह तीनों ही गलत है क्योंकि इसमें ऐसी कोई विचारधारा नहीं थी।
Tags : इतिहास प्रश्नोत्तरी, प्राचीन काल भारत, मध्यकालीन भारत
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Web Title : Deen E Ilahi Kya Tha