डॉ बी आर अम्बेडकर ने संविधान का हृदय और आत्मा किसे कहा था?

(A) समानता का अधिकार
(B) शोधण के विरुद्ध अधिकार
(C) संवैधानिक उपचारों का अधिकार
(D) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार

Question Asked : [UP Higher Education Assistant Professor Exam 2014]
Answer : संवैधानिक उपचारों का अधिकार
भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार से संबंधित अनुच्छेद 32 में वर्णित संवैधानिक उपचारों के अधिकार को डॉ. अम्बेडकर ने 'संविधान का ह्रदय' और 'आत्मा' बताया है। जबकि डायसी ने इससे 'संविधान रूपी भवन का प्राचीर' तथा गजेंद्र गडकर ने 'प्राजातांत्रिक भवन की आधारशिला' के रूप में व्यक्त किया है।
अनुच्छेद 32(1) व्यक्तियों को यह अधिकार देता है कि वह उच्चतम न्यायालय में मूल अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए आवेदन कर सकता हे।

बतादें कि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर (प्रवक्ता) परीक्षा के अनिवार्य प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन के अन्तर्गत भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन, भारत एवं विश्व का भूगोल, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल, भारतीय राजनीतिक एवं शासन, भारतीय संविधान और अधिकारिक मुद्दे, भारतीय अर्थव्यवस्था, भारतीय कृषि सहित सामान्य विज्ञान पर कई प्रश्न पूछे जाते है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान पर भी तीन से पांच प्रश्न अवश्य ही पूछे जाते है।
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
करेंट अफेयर्सजीके 2022 अपडेट के लिए टेलीग्राम और YouTube चैनल पर सब्सक्राइब करें
Related Questions
Web Title : Dr B R Ambedkar Ne Samvidhan Ka Hriday Aur Aatma Kise Kaha Tha