एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा का अर्थ और वाक्य प्रयोग

(A) पहले से ही दोष होने पर दूसरा दोष भी आ मिलना
(B) पाप जब बहुत बढ़ जाता है तब विनाश होता है
(C) मूर्ख व्यक्ति गुणों की परख नहीं कर सकता
(D) जबरदस्ती घनिष्ठता बढ़ाना

Answer : पहले से ही दोष होने पर दूसरा दोष भी आ मिलना
Explanation : एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा का अर्थ 'पहले से ही दोष होने पर दूसरा दोष भी आ मिलना' होता है। वाक्य प्रयोग – 1. दीनू अक्खड़ तो था ही, अब बात-बात पर झगड़ने भी लगा है। इसे कहते हैं– एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा। 2. रामपाल पहले सिरगेट पीता था, अब शराब भी पीने लगा। इसे कहते हैं– एक तो करेला, दूजे नीम चढ़ा। 3. सुरेश धनी बाप का लाड़ में बिगड़ा हुआ बेटा है। पढ़ाई—लिखाई छोड़ बैठा और आवारा हो गया। अब इसने उस जुआरी-शराबी रमेश से दोस्ती और कर ली है। उसके साथ रहकर जो कसर थी, वह भी पूरी हो गई। ऐसा तो होना ही था। एक तो करेगा और दूजे नीम चढ़ा। लोक अथवा समाज में प्रचलित उक्ति को लोकोक्ति कहते हैं। इन्हें कहावतें भी कहा जाता है। लोकोक्ति का अर्थ सीधा और सरल होता है। ये लोक-जीवन के संचित अनुभव को प्रकट करती हैं। मुहावरे व लोकोक्ति में अंतर : मुहावरा अधिकांशत: वाक्य में प्रयुक्त क्रिया पद होता है।
Tags : लोकोक्तियां, सामान्य हिन्दी प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Ek To Karela Duje Neem Chadha Ka Arth