गंगा के मैदान की पुरानी कछारी मिट्टी क्या कहलाती है?

(A) भाबर
(B) बांगर
(C) खादर
(D) खोण्डोलाइट

Answer : बांगर
Explanation : :गंगा के मैदान की पुरानी कछारी मिट्टी बांगर कहलाती है। बांगर वह ऊंचा भाग है, जहां नदियों की बाढ़ का जल नहीं पहुंचता। यह पुरानी जलोढ़ मिट्टी द्वारा बना हुआ होता है इसमें कैल्शियम की प्रचुरता होती है खादर, वह नीचा भाग है जहां नदियों की बाढ़ का जल प्रतिवर्ष पहुंचता है। प्रति वर्ष नदियों की बाढ़ का जल नवीन मिट्टी को लाकर यहां जमा कर देता है। इसलिए नवीन जलोढ़ द्वारा खादर निर्मित होते हैं। भाबर शिवालिक के गिरिपद प्रदेश में सिन्धु नदी से तीस्ता नदी तक पाया जाता है। यह 8 से 16 किमी. चौड़ाई वाली सकरी पट्टी के रूप में स्थित है। गिरिपद पर स्थित होने के कारण इस क्षेत्र में नदियां बड़ी मात्रा में भारी कंकड़-पत्थर-बजरी आदि लाकर जमा कर देती है, जिससे पारगम्य चट्टानों का निर्माण होता है।
Tags : भूगोल प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Ganga Ke Maidan Ki Purani Kachari Mitti Kya Kahlati Hai