घाटे की वित्तीय व्यवस्था का अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है?

(A) करों में कमी
(B) मजदूरी में बढ़ोतरी
(C) मुद्रा आपूर्ति में बढ़ोतरी
(D) मुद्रा आपूर्ति में कमी

Answer : मुद्रा आपूर्ति में बढ़ोतरी
Explanation : घाटे की वित्त व्यवस्था के कारण अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति में बढ़ोतरी होती है, क्योंकि इसके तहत बजटीय घाटे की पूर्ति हेतु वित्तीय व्यवस्था अतिरिक्त नोट निर्गमन के द्वारा होती है, जिससे मौद्रीकरण होता है। डॉ. वी.के.आर.वी. राव घाटे की वित्त व्यवस्था को परिभाषित करते हुए कहा है कि "परिस्थितियां ऐसी बना दी जाती हैं जब सार्वजनिक राजस्व और सार्वजनिक व्यय के बीच के अंतर आ जाता है और इसे घाटे की वित्त व्यवस्था या बजटीय घाटा कहते हैं। घाटे की वित्त व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त पैसे की आपूर्ति की जरूरत होती है। घाटे की वित्त व्यवस्था को दूर करने के दो उपाय हैं।
1. भारतीय रिजर्व बैंक से संचित नगद का उपयोग करना
2. संस्थाओं, आम जनता व कॉरपोरेट घरानों को सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री
Tags : अर्थव्यवस्था प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Ghate Ki Vitt Vyavastha Ka Arthvyavastha Par Kya Prabhav Padta Hai