गोरिल्ला युद्ध प्रणाली के संबंध में शिवाजी का अग्रगामी किसे माना जाता है?

(A) मलिक छज्जू
(B) मलिक बकबक
(C) मलिक अंबर
(D) मलिक काफूर

Question Asked : Uttarakhand Lecturer Screening Exam 2020
Answer : मलिक अंबर
Explanation : गोरिल्ला युद्ध प्रणाली के संबंध में शिवाजी का अग्रगामी मलिक अंबर को माना जाता है। मलिक अंबर 1548 में इथियोपिया में जन्मा था। उस समय उसका नाम 'चापू' था। यहां के 'हब्शी' लोगों को दुनिया के कई कोनों में लड़ाइयां लड़ने के लिए या कोई दूसरा काम करने के लिए गुलामों के रूप में बड़ी संख्या में बेचा गया। 'चापू' को भी 12 साल की उम्र में अरब के व्यापारियों के द्वारा पकड़ लिया गया और यमन के बाजार उसे बगदाद के एक मर्चेट कासिम ने खरीद लिया और उसे अपने साथ बगदाद ले गया। कासिम ने चाप का धर्म परिवर्तन करवाया और उसे एक नया नाम मिला 'अंबर'। कासिम ने अंबर को पढ़ना लिखना और अपने काम का लेखा जोखा रखने की तालीम दी। भारत के दक्कन की रियासत अहमदनगर में वह पेशवा के पद पर पहुँचा और मुग़लों को उसने कड़ी टक्कर दी, उसे गरिल्ला लड़ाई के अलावा भू-राजस्व के सुधारों के लिए भी जाना जाता है।
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
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Web Title : Gorilla Yudh Pranali Ke Sambandh Mein Shivaji Ka Agragami Kise Maana Jata Hai