कामरूप में वैष्णव धर्म का किसने प्रवर्तन किया?

(A) चैतन्य
(B) शंकरदेव
(C) निम्बार्क
(D) रूपगोस्वामी

Question Asked : [UPPCS (Pre) GS Ist History 2008]
Answer : शंकरदेव
शंकरदेव मध्यकालीन असम के महानतम धार्मिक सुधारक थे। इनका संदेश विष्णु या उनके अवतार कृष्ण के प्रति पूर्ण भक्ति पर केंद्रित था। एकेश्वरवाद इनकी शिक्षाओं का सार था। इनके द्वारा स्थापित संप्रदाय 'एक शरण संप्रदाय' के रूप में प्रसिद्ध हुआ। इन्होंने सर्वोच्च देवता की महिला सहयोगियों – लक्ष्मी, राधा सीता आदि को मान्यता प्रदान नहीं की और निष्कास भक्ति पर बल दिया। इनके संप्रदाय में भागवत पुराण या श्रीमदभागवत् को गुरुद्वारों में ग्रंथ साहब की भांति इस संप्रदाय के मंदिरों की वेदी पर श्रद्धा पूर्वक प्रतिष्ठित किया जाता था। शंकरदेव मूर्तिपूजा और कर्मकांड दोनों के विरोधी थे। ये अकेले कृष्णमार्गी वैष्णव संत थे, जो मूर्ति के रूप में कृष्ण की पूजा के विरोधी थे। असम में महानतम वैष्णव संत होने के कारण इन्हें 'असम के चैतन्य' के रूप में याद किया जाता है।
Tags : इतिहास प्रश्नोत्तरी, प्राचीन काल भारत, मध्यकालीन भारत
Useful for : UPSC, State PSC, SSC, Railway, NTSE, TET, BEd, Sub-inspector Exams
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Web Title : Kamrup Mein Vaishnav Dharm Ka Kisne Pravartan Kiya