क्या दीवारों के भी कान होते हैं का अर्थ और वाक्य प्रयोग

(A) गुप्त बात एकांत में या धीरे कहना
(B) मूर्खों के कमाये धन का दुरुप्रयोग
(C) प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती है
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : गुप्त बात एकांत में या धीरे कहना
Explanation क्या दीवारों के भी कान होते हैं (Kya Diwaron Ke Bhi Kaan Hote Hain) मुहावरे का अर्थ–'गुप्त बात एकांत में या धीरे कहना' होता है। मुहावरे का अर्थ–'कोई गुप्त बात एकांत में और बहुत धीरे स्वर में कहनी चाहिए' होता है। क्या दीवारों के भी कान होते हैं का वाक्य प्रयोग – रानी त्रिशला ने दासी से झुंझलाकर कहा, 'जो कहना है साफ-साफ कह। ओठों में क्यों बोल रही है।' दासी ने कहा, 'थोड़ा उधर बाग में चलिए। यहां कोई सुन लेगा तो मेरी आफत आ जायेगी। महारानीजी, दीवारों के भी कान होते हैं।' मुहावरा का अर्थ किसी भाषा समृद्धि और उसकी अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है। मुहावरों एवं कहावतों के प्रयोग से भाषा में सजीवता और प्रवाहमयता आ जाती है। सरल शब्दों में मुहावरे लोक सानस की चिरसंचित अनुभूतियां हैं। मुहावरा शब्द अरबी भाषा का है जिसका अर्थ है 'अभ्यास होना' या ‘आदी होना' और यह भाषा के प्राण हैं।
Tags : मुहावरे, सामान्य हिन्दी प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Kya Diwaron Ke Bhi Kaan Hote Hain