मा गृधः कस्यस्विद्धनम् का अर्थ

(A) सत्संगति मनुष्यों की कौन-सी भलाई नहीं करती।
(B) जिन दम्पतियों को पुत्र की प्राप्ति नहीं होती है उन्हें लोक शुभ नहीं होते।
(C) किसी के भी धन का लोभ मत करो।
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : किसी के भी धन का लोभ मत करो।
Explanation : संस्कृत सूक्ति 'मा गृधः कस्यस्विद्धनम्' का हिंदी में अर्थ– किसी के भी धन का लोभ मत करो। संस्कृत की यह सूक्ति ईशावास्योपनिषद् से ली गई है। State TET, CTET, TGT, PGT आदि परीक्षाओं के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत सूक्तियां हिंदी में अर्थ सहित पढ़े–
गुर्वपि विरह दु:खमाशाबन्ध: साहयति। (अभिज्ञान शाकुन्तलम् 4/16)
हिंदी में अर्थ– अनसूया शकुन्तला से कहती है– आशा का बन्धन विरह के कठोर दु:ख को भी सहन करा देता है।

गुणवते कन्यका प्रतिपादनीया। (अभिज्ञान शाकुन्तलम्)
हिंदी में अर्थ– गुणवान् (सुयोग्य) व्यक्ति को कन्या देनी चाहिए। यह माता-पिता का मुख्य विचार होता है।

सर्वथा रक्षणीया: सुहृदसवव: (कादंबरी/चंद्रापीडकथा)
हिंदी में अर्थ– मित्र के प्राणों की रक्षा हर प्रकार से करनी चाहिए।
Tags : संस्कृत, संस्कृत सूक्ति
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Web Title : Ma Gridah Kasya Svid Dhanam