मासीर ए आलमगीरी का लेखक कौन था?

(A) अबुल फजल
(B) बदायूंनी
(C) साकी मुस्तैद खां
(D) अफीफ

Question Asked : [UPPCS (Pre) GS Ist History 2001]
Answer : साकी मुस्तैद खां
साकी मुस्तैद खां की मासिर-ए-आलमगीरी औरंगजेब के काल का महत्वपूर्ण स्त्रोत हैं। इसमें औरंगजेब के 11वें साल से 20वें साल तक के हालात का समकालीन वर्णन मिलता है। पहले दस सालों का हाल काजिम ​शिराजी के आलमगीर नामा का सारांश है। मुस्तैद खां ने सतनामी विद्रोह का स्पष्टीकरण बड़े रोचक अंदाज में किया है। 1680 के बाद अफसरों के तबादले, नियुक्ति और तरक्की की चर्चा भी की गई है। इसी वजह से सर जदुनाथ सरकार ने इसे मुगलराज का गजेटियर कहा है जबकि बदायूंनी की पुस्तक मुन्तखब-उल-तवारीख है। उन्होंने अकबर की उदारता और धर्म निरपेक्षता के समाज पर प्रभाव का वर्णन किया है। इन्होंने अकबर की प्रशंसा के साथ-साथ आलोचना भी किया था। अबुल फजल तो अकबर को हीरे मानता था। 1574 में बदायूंनी आगरा आया और अकबर की मुलाजमात में दाखिल हुआ था।
Tags : इतिहास प्रश्नोत्तरी, प्राचीन काल भारत, मध्यकालीन भारत
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Web Title : Maasir I Alamgiri Ka Lekhak Kaun Tha