मार्च 2021 में एकादशी कब है?

Answer : 25 मार्च 2021
Explanation : हिंदू पंचांग के अनुसार हर पक्ष की 11वीं तिथि को एकादशी कहा जाता है। यह तिथि हर महीने दो बार आती है। पूर्णिमा के बाद और अमावस्या के बाद। पूर्णिमा के बाद आने वाली एकादशी को कृष्ण पक्ष की एकादशी और अमावस्या के बाद आने वाली एकादशी को शुक्ल पक्ष की एकादशी कहा जाता है। अभी फाल्गुन मास ङ्केपल रहा है। इस मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। इसे रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। हर एकादशी की तरह इस दिन भी भगवान विष्णु की खास पूजाअर्चना की जाती है। मान्यता है कि जो व्यक्ति आमलकी एकादशी का व्रत पूरे विधि-विधान के साथ रखता है, उसे भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस वर्ष आमलकी एकादशी का व्रत 25 मार्च को रखा जाएगा।

आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। आमलकी का अर्थ आंवला होता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने आंवले को आदि वृक्ष के रूप में प्रतिष्ठित किया था। मान्यता है कि आमलकी एकादशी के दिन आंवला और श्री हरि विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। आमलकी एकादशी का जिक्र पद्म पुराण में मिलता है। गरुण पुराण में लिखा है कि इस दिन भगवती और लक्ष्मीजी के आंसू से आंवले के पेड़ की उत्पत्ति हुई थी। आंवले के पेड़ में त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का वास माना जाता है। ब्रह्माजी आंवले के ऊपरी भाग में, शिवजी मध्य भाग में और भगवान विष्णु आंवले की जड़ में निवास करते हैं। मान्यता है कि जो भक्त आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं, उन्हें पुण्यफल की प्राप्ति होती है। इस पूजा से परिवार में भी सुख और प्रेम का वातावरण बना रहता है।
Tags : कब है
Related Questions
नवीनतम करेंट अफेयर्सजीके 2021 के लिए GKPU फ़ेसबुक पेज को Like करें
Web Title : March Mein Ekadashi Kab Hai