नमस्ते का संधि-विच्छेद क्या है?

(A) नम + स्ते
(B) नम् + स्ते
(C) नमः + ते
(D) नमः + स्ते

Answer : नम: + ते
Explanation : 'नमस्ते' का संधि-विच्छेद नम: + ते होगा। इसमें विसर्ग संधि (Visarg Sandhi) है। विसर्ग संधि की परिभाषा अनुसार जहाँ विसर्ग (:) के बाद स्वर या व्यंजन आने पर विसर्ग का लोप हो जाता है या विसर्ग के स्थान पर कोई नया वर्ण आ जाता है, वहाँ विसर्ग संधि होती है। जैसे– मनः+वेग = मनोवेग, मनः+बल = मनोबल, मनः+रंजन = मनोरंजन, तपः+बल = तपोबल, तपः+भूमि = तपोभूमि, मनः+हर = मनोहर, वयः+वृद्ध = वयोवृद्ध, मनः+नयन = मनोनयन, शिरः+भाग = शिरोभाग, मनः+व्यथा = मनोव्यथा, मनः+नीत = मनोनीत, रजः+गुण = रजोगुण, मनः+विकार = मनोविकार, पुरः+हित = पुरोहित, यशः+दा = यशोदा आदि।
Tags : संधि विक्षेद, संधि विग्रह, संधि विच्छेद
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
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Web Title : Namaste Ka Sandhi Vichchhed