नारद का अर्थ क्या होता है?

(A) सब जगह ​विद्यमान
(B) बिना विभाजित
(C) समस्या सुलझाने वाला
(D) लड़ाई–झगड़ा लगाने वाला व्यक्ति

Answer : बिना विभाजित
Explanation : नारद का अर्थ 'बिना विभाजित' होता है। ना और रद, इन दोनों का समन्वय नारद है, जिसमें ना का अर्थ है नहीं और रद का अर्थ है विभाजित करना। इसलिए नारद शब्द का मतलब बिना विभाजित चेतना से है। लेकिन गूगल में आपको लड़ाई–झगड़ा लगानेवाला व्यक्ति दिखाई देगा। महर्षि नारद, ब्रह्मा जी के मानस पुत्र हैं। महर्षि नारद के पास तीनों लोकों में ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान उनके पास न हो। ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष में नारद जयंती मनाई जाती है। नारद जयंती के अवसर पर नारद चरित्र को आत्मसात कर जीवन में सफलता, खुशियां पाई जा सकती हैं।
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Web Title : Narad Ka Arth