नास्ति मातृसमो गुरु का अर्थ

(A) पहले प्रसन्नतासूचक चिन्ह दिखाई पड़ते हैं तदन्तर फल की प्राप्ति होती है।
(B) प्रिय झूठ नहीं बोलना चाहिए यही सनातन धर्म है।
(C) भीष्म कहते हैं– माता के समान कोई गुरु नहीं।
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : भीष्म कहते हैं– माता के समान कोई गुरु नहीं।
Explanation : संस्कृत सूक्ति 'नास्ति मातृसमो गुरु' का हिंदी में अर्थ– भीष्म कहते हैं– माता के समान कोई गुरु नहीं। संस्कृत की यह सूक्ति महाभारत अनुशासनपर्व से ली गई है। State TET, CTET, TGT, PGT आदि परीक्षाओं के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत सूक्तियां हिंदी में अर्थ सहित पढ़े–
ऋद्धं हि राज्यं पदमैन्द्रमाहु:। (रघुवंशम् सर्ग 2/50)
हिंदी में अर्थ– समृद्धशाली राज्य इन्द्र के पद स्वर्ग के समान होता है।

को नामोष्णोदकेन नवमालिकां सिञ्चति। (अभिज्ञान शाकुन्तलम् अड़्क-4)
हिंदी में अर्थ– प्रियंवदा कहती है नवमालिका को गर्म जल से कौन सींचना चाहेगा।

वत्से! सुशिष्यपरिदत्त विद्येव अशोचनीया संवृता (अभिज्ञान शाकुन्तलम् अड़्क-4)
हिंदी में अर्थ– कण्व शकुन्तला से कहते हैं– 'पुत्री, योग्य शिष्य को दी गई विद्या की तरह तुम अशोचनीय हो गई हो।'
Tags : संस्कृत, संस्कृत सूक्ति
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Web Title : Nasti Matri Sama Guru