निर्गुण भक्ति का अर्थ क्या है?

(A) शैव स्वरूप की उपासना
(B) वैष्णव स्वरूप की उपासना
(C) अवतार की उपासना
(D) ईश्वर के निराकार स्वरूप की उपासना

Question Asked : UPSC EPFO Exam 2021
Answer : ईश्वर के निराकार स्वरूप की उपासना
Explanation : निर्गुण भक्ति का अर्थ ईश्वर के निराकार स्वरूप की उपासना है। निर्गुण भक्ति ईश्वर की पूजा के अमूर्त रूप को संदर्भित करती है भक्ति की इस शाखा के अनुयायी का मानना था कि ईश्वर निराकार और दिव्य है। कबीर और गुरु नानक प्रसिद्ध निर्गुण संत हैं, वे मूर्ति पूजा और अन्य अवैज्ञानिक अनुष्ठानों में विश्वास नहीं करते थे। इसके विपरीत सगुण भक्ति में ईश्वर के रूप तथा अवतार की पूजा करी जाती है।
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
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Web Title : Nirgun Bhakti Ka Arth Kya Hai