न्याय दर्शन का प्रवर्तक कौन है?

(A) गौतम
(B) कपिल
(C) शंकर
(D) वल्लभ

Question Asked : Chhattisgarh PSC Pre Exam 2019
Answer : गौतम
न्याय दर्शन का प्रवर्तक गौतम है। न्याय दर्शन का प्रवर्तन गौतम ने किया था, जिन्होंने अक्षपाद भी कहा जाता है। 'न्याय' का शाब्दिक अर्थ 'तर्क' या 'निर्णय' है, जो इस बात का सूचक है कि यह दर्शन मुख्यत: बौद्धिक, विश्लेषणात्मक तथा तार्किक है। इसे तर्कशास्त्र, प्रमाणशास्त्र, वादविद्या, हेतुविद्या, आन्वीक्षिकी आदि नामों से भी जाना जाता है। इसका मूल ग्रन्थ गौतमकृत न्यायसूत्र है। जिस पर वात्स्यायन ने 'न्यायभाष्य' नामक टीका लिखा है।
Tags : धर्म
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
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Web Title : Nyay Darshan Ke Pravartak Kaun Hai