प्रथम सर्वसता संपन्न चोल शासक था?

(A) विजयालय
(B) आदित्य
(C) परांतक
(D) राजेंद्र प्रथम

Question Asked : [UPPCS (Pre) GS Ist History 1999]
Answer : आदित्य
तीसरे से 9वीं सदी के अंत तक चोल पल्लव शासकों के अधीन थे। चोल शासक विजयालय (850 ई. 871 ई.) ने दक्षिण के विजयालय ने उरैयुर के स्थान पर तंजौर नगर को अपनी राजधानी बनाई। उसने यहां निशुम्भ देवी के मंदिर का निर्माण कराया। 871 में विजयालय का पुत्र आदित्य प्रथम राजगद्दी पर बैठा। प्रारंभ में वह पल्लव नरेश अपराजित का सामंत था। परंतु अपनी विस्तारवादी नीति के वशीभूत होकर उसने अपराजित को पराजित कर उसकी हत्या कर दी। इस प्रकार वह सर्वसत्तासंपन्न चोल शासक बन गया। इस उपलक्ष्य में उसने कोदण्ड राम की उपाधि धारण की। इस विजय के फलस्वरूप चोल साम्राज्य की सीमा राष्ट्रकूट नरेश कृष्ण द्वितीय के पराजित किया। उसने वीर चोल की उपाधि धारण की। उसने शक्तिशाली पांड्यों को जीता, उनके मदुरा राज्य छीना एवं मदुरैकोण्ड की उपाधि धारण की। बेल्लूर के मैदान में उसने पांड्यों एवं​ सिंहलियों की सम्मिलित सेना को पराजित किया। इस विजय में उपलक्ष्य में उसने संगम राघव की उपाधि धारण की। राजेंद्र प्रथम 1014 में गद्दी पर बैठा उसने संपूर्ण सिंहल राज्य को जीता और वहां के शासक महेद्र पंचम को 12 वर्ष तक कैद किये रहा।
Tags : इतिहास प्रश्नोत्तरी, प्राचीन काल भारत, मध्यकालीन भारत
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Web Title : Pratham Sarv Satta Sampanna Cola Sasak Tha