राजस्थान के प्रत्येक राज्य में महकमा बकायत होता था, जो

(A) अच्छी फसल के समय शेष-राजस्व वसूलता था।
(B) राजा के बकायों का भुगतान करता था।
(C) सरकारी कर्मचारियों की बकाया संग्रह करता था।
(D) राजाओं के लिए ऋण करता था।

Answer : अच्छी फसल के समय शेष-राजस्व वसूलता था।
Explanation : दीवान मुख्य रूप से अर्थ-विभाग का अध्यक्ष होता था। उसके दफ्तर 'दीवान-एहजूरी' में सब कागजात सुरक्षित रखे जाते थे। वह इन कागजातों के आधार पर राजा को राज्य की स्थिति से अवगत कराता था। इसके दफ्तर में एक ‘महकमा-ए-बकायता' भी होता था, जो परगनों के अफसरों को राजस्व की दरें, बकाया की वसूली, परगनों के खजानों की जमा, खजाना हजूरी में भेजी जाने वाली रकम आदि के बारे में दिशा-निर्देश भेजता था।
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Web Title : Rajasthan Ke Pratyek Rajya Mein Mahakama Bakayat Hota Tha