संसार की समर स्थली में धीरता धारण करो में कौन सा अलंकार है?

(A) अनुप्रास अलंकार
(B) यमक अलंकार
(C) अतिश्योक्ति अलंकार
(D) उत्प्रेक्षा अलंकार

Answer : अनुप्रास अलंकार
Explanation : संसार की समर स्थली में धीरता धारण करो में अनुप्रास अलंकार है। जहां किसी पंक्ति के शब्दों में एक ही वर्ण एक से अधिक बार आता है, वहां अनुप्रास अलंकार होता है। सरल शब्दों में कहे तो वर्णों की आवृत्ति को अनुप्रास कहते हैं। आवृत्ति का अर्थ है, दुहराना। इस अलंकार में किसी वर्ण या व्यंजन की एक बार या अनेक वणों या व्यंजनों की अनेक धार आवृत्ति होती है। अनुप्रास शब्द ‘अनु’ तथा ‘प्रास’ शब्दों के योग से बना है। ‘अनु’ का अर्थ है- बार-बार तथा ‘प्रास’ का अर्थ है- वर्ण। जहां स्वर की समानता के बिना भी वर्णों की बार-बार आवृत्ति होती है, वहां अनुप्रास अलंकार होता है।
Tags : अनुप्रास अलंकार, अलंकार
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Web Title : Sansar Ki Samar Sthali Mein Dhirta Dharan Karo Me Alankar