सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली का अर्थ

(A) आजीवन पाप करने के बाद साधु होने का ढोंग करना।
(B) बर्बाद होने पर भी अकड़ना
(C) आनंद और उन्नति करने के दिन बीत जाना।
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : आजीवन पाप करने के बाद साधु होने का ढोंग करना।
Explanation सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली (Sau Chuhe Khakar Billi Haj Ko Chali) मुहावरे का अर्थ–'आजीवन पाप करने के बाद साधु होने का ढोंग करना' होता है। मुहावरे का अर्थ–'आजीवन पाप करके अंत में धर्मात्मा या साधु बनने का ढोंग करना होता है' होता है। सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली का वाक्य प्रयोग – इस सेठ को कौन नहीं जानता। गरीबों के गहने, खेत, घर आदि गिरवी रखकर इसने अपार संपत्ति जोड़ी ब्याज के बदले इसने छोटे बच्चों तक को बंधुआ रखा। आज यह धर्मशाल और मंदिर बनवा रहा है। प्याऊ लगा रहा है। वास्तव में यह सेठ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली कहावत का साक्षात् उदाहरण है। मुहावरा का अर्थ किसी भाषा समृद्धि और उसकी अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है। मुहावरों एवं कहावतों के प्रयोग से भाषा में सजीवता और प्रवाहमयता आ जाती है। सरल शब्दों में मुहावरे लोक सानस की चिरसंचित अनुभूतियां हैं। मुहावरा शब्द अरबी भाषा का है जिसका अर्थ है 'अभ्यास होना' या ‘आदी होना' और यह भाषा के प्राण हैं।
Tags : मुहावरे, सामान्य हिन्दी प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Sau Chuhe Khakar Billi Haj Ko Chali