श्री श्री रविशंकर कौन है – Who is Sri Sri Ravi Shankar in Hindi

Who is Sri Sri Ravi Shankar

श्री श्री रविशंकर का जन्म 13 मई 1956 को तमिलनाडु में हुआ था। पेशे से वह आध्यात्मिक नेता एवं मानवतावादी धर्मगुरु हैं। उनकी संस्था का नाम आर्ट ऑफ लिविंग है। जिसकी स्थापना उन्होंने 1981 में की थी। उनकी संस्था लोगों को सामाजिक समर्थन प्रदान करती है। केवल चार साल की उम्र में रविशंकर श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ किया करते थे। बचपन से ही उन्होंने ध्यान करना शुरू कर दिया था। वह वेद विज्ञान विद्यापीठ, श्री श्री सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज, श्री श्री कालेज और आयुर्वेदिक साइंस एंड रिसर्च, श्री श्री मोबाइल एग्रीकल्चरल इनिसिएटीव्स और श्री श्री रूरल डेवलेपमेंट ट्रस्ट चलाते हैं। उन्हें भारत सरकार ने 2016 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया था। श्री श्री रविशंकर का कहना है कि ध्यान के अलावा दूसरे लोगों की सेवा भी इंसान को करनी चाहिए। वे विज्ञान और आध्यात्म को एक-दूसरे का विरोधी नहीं, बल्कि पूरक मानते हैं।

श्री श्री रविशंकर के अनमोल विचार–
Today is a gift from God – that is why it is called the present.
आज-भगवान के द्वारा दिया गया उपहार है इसीलिए लोग इसे वर्तमान कहते हैं।

If you do good for people, you are doing it out of your nature.
अगर आप लोगों के लिए कुछ अच्छा करते हैं तो आप अपने प्र​कृति के विपरीत करते हैं।

You are Divine. You are part of me. I am part of you.
आप दैवीय हैं आप मेरे अंश हैं और मैं आपका अंश हूँ।

Love is not an emotion. It is your very existence.
प्रेम बस एक भावना नहीं ये तुम्हारा अस्तित्व है।

How far to heaven? Just open your eyes and look. You are in heaven.
स्वर्ग कितनी दूर है, अपने नेत्रों को खोलिये और देखिये आप पाएंगे कि आप स्वर्ग में ही हैं।

Faith is realizing that you always get what you need.
विश्वास तुम्हे यह महसूस करवाती है कि तुम वो सब कुछ पा सकते हो जिसकी तुम्हें जरूरत है।

Want is always hanging on to the I. When the I itself is dissolving, want also dissolves, disappears.
इच्छा हमेशा मैं के ऊपर रहता है, जब मैं डूबता है इच्छा भी खत्म हो जाती है।

Look into the motives behind your actions. Often you don’t go for things you really want.
आप अपने क्रिया के मन्तव्य को देखिये अक्सर आप पाएंगे. जो आप नहीं करना चाहते थे वही कर बैठे।

A poor man celebrates the New Year once a year. A rich man celebrates each day. But the richest man celebrates every moment.
एक गरीब आदमी नया साल पुरे साल में एक बार मनाता है एक धनवान आदमी उसे हर रोज मनाता है. परंतु जो सबसे धनवान है वो उसे हर क्षण मनाता है।

Behind everything is your ego: I, I, I, I. But in seva there is no I, because it has to be done for someone else.
तुम्हारे हर क्रिया के पीछे तुम्हारा अहंकार है …मैं …मैं …और बस मैं ! लेकिन सेवा में मैं नहीं होता क्योंकि ये दूसरे के लिए किया जाता है।

Life is nothing to be very serious about. Life is a ball in your hands to play with. Don’t hold on to the ball.
जीवन कुछ ऐसा नहीं है कि तुम गम्भीर हो जाओ; जीवन हाथ में रखे हुए गेंद की तरह है जिसके साथ खेला जाता है, उसे स्थिर नहीं रखा जा सकता।

Listen to others; yet do not listen. If your mind gets stuck in their problems, not only are they miserable, but you also become miserable.”
दूसरों की सुनों; फिर से मत सुनो; अगर तुम्हारा दिमाग उनकी समस्या में अटक जाता है तो बस वही लोग दुःखी नहीं होते परन्तु तुम भी दुःखी हो जाते हो।

Human evolution has two steps -from being somebody to being nobody; and from being nobody to being everybody. This knowledge can bring sharing and caring throughout the world.
मानव के विकास का दो रास्ता है, एक जो कुछ होने से नहीं होना है दूसरा जो नहीं होने से सब कुछ होना है. और ये ज्ञान पुरे संसार में फैलता जाता है।

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Web Title : sri sri ravi shankar kaun hai