तारे आसमान के हैं आये मेहमान बनि में कौन सा अलंकार है?

(A) संदेह अलंकार
(B) लाटानुप्रास अलंकार
(C) यमक अलंकार
(D) श्लेष अलंकार

Answer : संदेह अलंकार
Explanation : तारे आसमान के हैं आये मेहमान बनि। केशों में निशा ने मुक्तावली सजायी है? बिखर गयो है चूर-चूर ह्वैं कै चन्द्र कैधों, कैधों घर-घर दीप-मालिका सुहायी है? पंक्ति में संदेह अलंकार होता है। यहां दीपमालिका में तारावली, मुक्तावली और चन्द्रमा के चूर्णीभूत कणों का संदेह होता है।
संदेह अलंकार की परिभाषा – जहां किसी वस्तु को देखकर संशय बना रहे, निश्चय न हो, वहां संदेह अलंकार होता है। सामान्य हिंदी प्रश्न पत्र में काव्यलिंग अलंकार संबंधी प्रश्न पूछे जाते है। इसलिए यह प्रश्न आपके लिए कर्मचारी चयन आयोग, बीएड, आईएएस, सब इंस्पेक्टर, पीसीएस, बैंक भर्ती परीक्षा, समूह 'ग' आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी साबित होगें।
Tags : अलंकार, अलंकारिक शब्द, संदेह अलंकार
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
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Web Title : Taare Aasman Ke Hain Aaye Mehaman Bani Main Alankar