तेजसां हि न वयः समीक्ष्यते का अर्थ

(A) चरित्रहीन धनवान् भी दुर्दशा को प्राप्त होता है।
(B) राजा दिलीप ने नन्दिनी को छाया की भांति अनुसरण किया।
(C) तेजस्वी पुरुषों की आयु नहीं देखी जाती है।
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : तेजस्वी पुरुषों की आयु नहीं देखी जाती है।
Explanation : संस्कृत सूक्ति 'तेजसां हि न वयः समीक्ष्यते' का हिंदी में अर्थ– तेजस्वी पुरुषों की आयु नहीं देखी जाती है। संस्कृत की यह सूक्ति रघुवंशम् 11/1 से ली गई है। State TET, CTET, TGT, PGT आदि परीक्षाओं के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत सूक्तियां हिंदी में अर्थ सहित पढ़े–
अपसृतपाण्डुपत्रा मुञ्चन्त्यश्रूणीव लता:। (अभिज्ञान शाकुन्तलम् 4/12)
हिंदी में अर्थ– शकुन्तला के पतिगृह गमन के समय आश्रम में पशु-पक्षी और तरु तलायें भी वियोग पीड़ित हैं। लताओं से पीले पते टूट कर गिर रहे हैं मानो वे आंसू बहा रहे हैं।

अद्यप्रभृति दूरपरिवर्तिनी ते खलु भविष्यामि। (अभिज्ञान शाकुन्तलम् अड़्क 04)
हिंदी में अर्थ– शकुन्तला वनज्योत्स्ना के पास जाकर तथा लता का आलिड़्गन करती हुई कहती है कि– आज से मैं तुमसे दूर हो जाऊंगी। मैं पतिगृह के लिए विदा हो रही हूं। (मेरा पुनरागमन कब होगा, इसे मैं नहीं जानती हूं।)
Tags : संस्कृत, संस्कृत सूक्ति
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Web Title : Tejasam Hi Na Vayah ​​samikshyate