‘टिन’ कहाँ मिलती है?

(A) प्लासर निक्षेपों से
(B) कायान्तरित शैलों से
(C) अल्पसिलिक आग्नेय शैलों से
(D) उपरोक्त सभी से

Answer : प्लासर निक्षेपों से
Explanation : अवसादी चट्टानों में आर्थिक महत्व वाले खनिज आग्नेय चट्टाने की अपेक्षा कम पाए जाते हैं परन्तु लौह-अयस्क, फास्फेट, इमारती पत्थर, कोयला और सीमेन्ट बनाने वाले पदार्थों के स्त्रोत अवसादी चट्टानों में ही पाये जाते हैं। खनिज तेल भी अवसादी चट्टानों में ही पाया जाता है। अप्रवेश्य चट्टान की दो पत्तों के बीच यदि प्रवेश्य शैल की पर्त आ जाए तो खनिज तेल के लिए अनुकूल स्थिति पैदा हो जाती है। बॉक्साइट मैंगनीज, टिन आदि खनिज के गौण अयस्क भी अवसादी चट्टानों में मिलते हैं। रूपांतरित चट्टान अत्यधिक ताप या दबाव से इतनी बदल जाती है कि उनका वास्तविक रूप जानना ही कठिन हो जाता है, इन चट्टानों को उनकी कठोरता, घनी संरचना तथा परस्पर गुंथे हुए रूप से पहचाना जाता है।
Tags : भूगोल प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Tin Kahan Milti Hai