वह दिन गए जब खलील खां फाख्ता उड़ाते थे का अर्थ

(A) आनंद और उन्नति करने के दिन बीत जाना।
(B) दोनों ओर विपत्ति होना।
(C) परिवार के सभी लोगों का बिगड़ जाना।
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : आनंद और उन्नति करने के दिन बीत जाना।
Explanation वह दिन गए जब खलील खां फाख्ता उड़ाते थे (Vah Din Gaye Jab Khalil Khan Fakhta Udaate The) मुहावरे का अर्थ–'आनंद और उन्नति करने के दिन बीत जाना' होता है। वह दिन गए जब खलील खां फाख्ता उड़ाते थे का वाक्य प्रयोग – मैंने रमेश से पूछा, 'तुम तो बड़े मस्त रहते थे। क्या ठाट—बाट था तुम्हारा। हर समय अठखेलियों, रंगरेलियों से तुम्हें फुर्सत नहीं मिलती थी। आजकल तुम उदास रहने लगे हो। कैसा नीरस जीवन जी रहे हो? आखिर ऐसा हुआ क्या?' रमेश बाला, 'क्या बताऊं यार! बस इतना समझ लो कि वह दिन गए जब खलील खां फाख्ता उड़ाते थे।' मुहावरा का अर्थ किसी भाषा समृद्धि और उसकी अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है। मुहावरों एवं कहावतों के प्रयोग से भाषा में सजीवता और प्रवाहमयता आ जाती है। सरल शब्दों में मुहावरे लोक सानस की चिरसंचित अनुभूतियां हैं। मुहावरा शब्द अरबी भाषा का है जिसका अर्थ है 'अभ्यास होना' या ‘आदी होना' और यह भाषा के प्राण हैं।
Tags : मुहावरे, सामान्य हिन्दी प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Vah Din Gaye Jab Khalil Khan Fakhta Udaate The