वर्धमान प्रतिफल नियम का क्या अर्थ है?

(A) वर्धमान लागत
(B) ह्रासमान लागत
(C) वर्धमान उत्पादन
(D) वर्धमान आय

Answer : ह्रासमान लागत
Explanation : वर्धमान प्रतिफल नियम का ह्रासमान लागत अर्थ है। जिस प्रकार हृासमान प्रतिफल से तात्पर्य लागतों में वृद्धि से है उसी प्रकार वर्धमान प्रतिफल से तात्पर्य प्रति इकाई लागतों में कमी से है। इस प्रकार वर्धमान प्रतिफल का नियम दर्शाता है कि किसी उद्योग का विस्तार होने पर सीमांत या अतिरिक्त उत्पादन की प्रति इकाई लागत में कमी आती है। जैसे-जैसे वस्तुओं की ​अधिक से अधिक इकाइयों का उत्पादन किया जाता है, प्रति इकाई लागत में तेजी से कमी आती है। इसके ​अ​तिरिक्त प्रतिफल आनुपातिक रूप से काफी अधिक होता है।
Tags : अर्थशास्त्र प्रश्नोत्तरी, अर्थशास्त्र वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर, ऑनलाइन अर्थशास्त्र सवाल और जवाब
Useful for : UPSC, State PSC, SSC, Railway, NTSE, TET, BEd, Sub-inspector Exams
करेंट अफेयर्सजीके 2022 अपडेट के लिए टेलीग्राम और YouTube चैनल पर सब्सक्राइब करें
Related Questions
Web Title : Vardhaman Pratiphal Niyam Ka Kya Arth Hai