या अनुरागी चित्त की गति समझे नहिं कोय में कौन सा अलंकार है?

(A) उल्लेख अलंकार
(B) भ्रान्तिमान अलंकार
(C) विरोधाभास अलंकार
(D) व्यतिरेक अलंकार

Answer : विरोधाभास अलंकार
Explanation : या अनुरागी चित्त की गति समझे नहिं कोय। ज्यों-ज्यों श्याम रंग, त्यों-त्यों उज्ज्वल होय। पंक्ति में विरोधाभास अलंकार होता है। यहां काले रंग में डूबने से उज्ज्वल होना विरोध कथन है। परन्तु इस विरोध का परिहार हो जाता है जब भक्त ज्यों-ज्यों कृष्ण के प्रति अनुराग करेगा त्यों-त्यों उसमें सात्विक भाव भरता जायेगा।
विरोधाभास अलंकार की परिभाषा – जहां वास्तविक विरोध न होकर विरोध का आभास मात्र हो वहां विरोधाभास अलंकार होता है। सामान्य हिंदी प्रश्न पत्र में विरोधाभास अलंकार संबंधी प्रश्न पूछे जाते है। इसलिए यह प्रश्न आपके लिए कर्मचारी चयन आयोग, बीएड, आईएएस, सब इंस्पेक्टर, पीसीएस, बैंक भर्ती परीक्षा, समूह 'ग' आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी साबित होगें।
Tags : अलंकार, अलंकारिक शब्द, विरोधाभास अलंकार
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
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Web Title : Ya Anuragi Chitt Ki Gati Samjhe Nahi Koi Main Alankar