‘योगवासिष्ठ’ का फारसी अनुवाद किसने किया था?

(A) अलबरुनी
(B) फैजी
(C) नामदेव
(D) दाराशिकोह

Question Asked : [MPPSC (Pre) Opt. History 2008]
Answer : दाराशिकोह
दाराशिकोह ने अनेक ग्रंथों यथा — भागवत गीता एवं योगवशिष्ठ का फारसी अनुवाद स्वयं अपनी देखरेख में करवाया था। दारा ने स्वयं तथा काशी के पंडितों की सहायता से बावन उपनिषदों का 'सिर्र-ए-अकबर' के नाम से फारसी में अनुवाद कराया। बतादें कि इस प्रकार के प्राचीन एवं मध्यकालीन भारतीय इतिहास से सं​बंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते है। जिसके उत्तरों भी कभी नहीं बदलते है। इसलिए अगर आप संघ एवं राज्य सिविल सेवा या राज्यस्तरीय किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है, तो इन्हें अच्छी तरह से याद कर लें। ताकि गलती की कोई संभावना न रहें।
Tags : इतिहास प्रश्नोत्तरी, प्राचीन काल भारत, मध्यकालीन भारत
Useful for : UPSC, State PSC, SSC, Railway, NTSE, TET, BEd, Sub-inspector Exams
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Web Title : Yog Vashisht Ka Farsi Anuvad Kisne Kiya Tha