सुई पानी में क्यों डूब जाती है जबकि जहाज पानी में तैरता रहता है?

1. क्या कारण है कि लोहे का विशाल जहाज पानी में तैरता रहता है जबकि एक छोटी सी सुई डूब जाती है?
प्लवन के सिद्धांत के अनुसार कोई भी वस्तु पानी में तभी तैरेगी, जब उसका वजन उसके द्वारा हटाए गए पानी के उस भाग के बराबर होगा। एक सुई या स्टीन की गेंद इसलिए पानी में डूब जाती है क्योंकि इसका वजन इसके द्वारा हटाए गए पानी के वजन से ज्यादा होता है। लेकिन लोहे का विशाल जहाज जितने बड़े आकार का होता है। यह उतना ही पानी को विस्थापित करता है। इसी कारण से यह पानी में तैरता है।

2. क्या कारण है कि चींटी के काटने पर तेल जलन होती है?
चींटी के डंक में फॉर्मिक अम्ल होता है। अत: चींटी के काटन से फॉर्मिक अम्ल त्वचा में प्रवेश कर जाता है। जिससे त्वचा में तेल जलन महसूस होती है।

3. प्राय वर्षा के दिनों में ही फंफूंदी दिखती है, क्यों?
फंफूंद अपने तंतुओं द्वारा सड़े-गले पदार्थों से कार्बनिक पदार्थ का अवशोषण करता है। जिसके लिए इन पदार्थों का घुलित अवस्था में होना जरूरी है, वर्षा के दिना में नमी पर्याप्त मात्रा में होने के कारण यह अधिक मात्रा में दिखती है।

4. मेढ़क जल व थल दोनों स्थानों पर रह सकता है पंरतु मछली जल से बाहर निकलते ही मर जाती है, क्यों?
वास्तव में यह कथन सत्य है कि मेढ़क जल व थल दोनों स्थलों पर रह सकता है परंतु मछली जल से बाहर निकलने पर मर जाती है। क्योंकि मेंढ़क अपनी श्वसन क्रिया त्वचा तथा फेफड़ों की सहायता करता है। अर्थात् मेंढ़क जब जल में होता है तो वह श्वसन क्रिया फेफड़ों की सहायता करता है। इसके विपरीत मछली अपनी श्वसन क्रिया गिलों की सहायता से करती है।

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Web Title : sui pani me kyo doob jati hai jabki jahaj pani me tairta rahta hai