क्या आप जानते हैं

श्री श्री रविशंकर कौन है – Who is Sri Sri Ravi Shankar in Hindi

श्री श्री रविशंकर का जन्म 13 मई 1956 को तमिलनाडु में हुआ था। पेशे से वह आध्यात्मिक नेता एवं मानवतावादी धर्मगुरु हैं। उनकी संस्था का नाम आर्ट ऑफ लिविंग है। जिसकी स्थापना उन्होंने 1981 में की थी। उनकी संस्था लोगों को सामाजिक समर्थन प्रदान करती है। केवल चार साल की उम्र में रविशंकर श्रीमद्भगवद्गीता के […]

जेनेवा संधि (Geneva Convention) क्या होती है?

जेनेवा संधि (Geneva Convention) : पहली बार वर्ष 1864 दुनिया के कुछ देशों ने युद्धबंदियों के अधिकारों को लेकर एक करार किया। इस संधि को मानवता के लिए जरूरी कदम बताया गया। इसके बाद वर्ष 1906 और वर्ष 1929 में क्रमश: दूसरी और तीसरी संघि हुई। दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद 1949 में 194 देशों […]

आईपीसी की धारा 70 क्या है- IPC Section 70 in Hindi

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 70 के अनुसार, जुर्माने का छह वर्ष के भीतर या कारावास के दौरान में उद्ग्रहणीय होना – सम्पत्ति को दायित्व से मृत्यु उन्मुक्त नहीं करती – जुर्माना या उसका कोई भाग, जो चुकाया न गया हो, दंडादेश दिए जाने के पश्चात् छह वर्ष के भीतर किसी भी समय, और […]

आईपीसी की धारा 66 क्या है- IPC Section 66 in Hindi

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 66 के अनुसार, जुर्माना न देने पर किस भाँति का कारावास दिया जाए – वह कारावास, जिसे न्यायालय जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने के लिए अधिरोपित करे, ऐसा किसी भाँति का हो सकेगा, जिससे अपराधी को उस अपराध के लिए दंडादिष्ट किया जा सकता था। According to Section 66 […]

आईपीसी की धारा 65 क्या है- IPC Section 65 in Hindi

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 65 के अनुसार, जबकि कारावास और जुर्माना दोनों आदिष्ट किए जा सकते हैं, तब जुर्माना न देने पर कारावास की अवधि – यदि अपराध कारावास और जुर्माना दोनों से दंडनीय हो, तो वह अवधि, जिसके लिए जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने की दशा के लिए न्यायालय अपराधी को कारावासित करने […]

दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 क्या है- CRPC Section 144 in Hindi

दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अनुसार, न्यूसेंस या आशंकित खतरे के अर्जेंट मामलों में आदेश जारी करने की शक्ति : (1) उन मामलों में, जिनमें जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट अथवा राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त विशेषतया सशक्त किए गए किसी अन्य कार्यपालक मजिस्ट्रेट की राय में इस धारा के अधीन कार्यवाही […]

आईपीसी की धारा 511 क्या है- IPC Section 511 in Hindi

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 511 के अनुसार, आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न करने के लिये दंड – जो कोई इस संहिता द्वारा आजीवन कारावास से या कारावास से दंडनीय अपराध करने का, या ऐसा अपराध कारित किये जाने का प्रयत्न करेगा, और ऐसे प्रयत्न में अपराध […]

आईपीसी की धारा 509 क्या है- IPC Section 509 in Hindi

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 509 के अनुसार, शब्द, अंगविक्षेप या कार्य जो किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के लिये आशयित है – जो कोई किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के आशय से कोई शब्द कहेगा, कोई ध्वनि या अंगविक्षेप करेगा, या कोई वस्तु प्रदर्शित करेगा, इस आशय से कि […]

आईपीसी की धारा 507 क्या है- IPC Section 507 in Hindi

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 507 के अनुसार, अनाम संसूचना द्वारा आपराधिक अभित्रास – जो कोई अनाम संसूचना द्वारा या उस व्यक्ति का, जिसने धमकी दी हो, नाम या निवास-स्थान छिपाने की पूर्वावधानी करके आपराधिक अभित्रास का अपराध करेगा, वह पर्ववर्ती अंतिम धारा द्वारा उस अपराध के लिये उपबंधित दंड के अतिरिक्त, या दोनों […]

आईपीसी की धारा 506 क्या है- IPC Section 506 in Hindi

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 506 के अनुसार, आपराधिक अभित्रास के लिए दंड – जो कोई आपराधिक अभित्रास का अपराध करेगा, वह दोनों में से किसी भाँति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जायेगा। यदि धमकी मृत्यु या घोर उपहति इत्यादि […]

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