राजस्थान का पुराना नाम क्या था?

(A) अलवाए
(B) प्रयाग
(C) पुरुषापुर
(D) राजपूताना

Answer : राजपूताना (Rajputana)

Explanation : राजस्थान का पुराना नाम राजपूताना (Rajputana) था। क्योंकि यहाँ तत्कालीन समय राजपूत राजाओं का राज रहा। आजादी से पहले राजस्थान को इसी नाम से जाना जाता है। जार्ज थॉमस ने साल 1800 ईसा में 'राजपूताना' नाम दिया था। कर्नल जेम्स टॉड ने 1829 ईसा में अपनी पुस्तक 'द एनाल्स एंड एक्टीविटीज ऑफ राजस्थान' में किया। कर्नल जेम्स टॉड ने राजस्थान को दी सेन्ट्रल वेस्टर्न राजपूत स्टेट्स ऑफ इंडिया कहा है। आज भी जयपुर, बीकानेर, भरतपुर, धौलपुर, जोधपुर, चित्तौड़ झालावाड़, कोटा राजघरानों का राजस्थान में वर्चस्व है।

बता दे कि 18 मार्च 1948 को राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई, जो सात चरणों में पूरी हुई। प्रथम चरण 18 मार्च 1948, में अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करोली का विलय किया। दूसरे चरण 25 मार्च 1948 में कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक का विलय किया। तीसरे चरण जो 18 अप्रेल 1948 को शुरू हुआ डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ को विलय किया, चौथे चरण में जो 30 मार्च 1949 को प्रारम्भ हुआ मत्स्य संघ अलवर,भरतपुर, धौलपुर करोली का एकीकरण किया। पांचवा चरण जो 15 अप्रैल 1949 छठा चरण 26 जनवरी 1950 व सातवां चरण 1 नवम्बर 1956 को सम्पन्न हुआ। राजप्रमुख के पद को राज्यपाल किया। आखिर 22 देशी रियासतों का एकीकरण का महत्वपूर्ण कार्य तत्कालीन देशी रियासतों के प्रमुख व गृहमंत्री भारत सरकार बल्लभ भाई पटेल व उनके सचिव वी.पी. मेनन के प्रयासों सर हुआ इसी कारण प्रतिवर्ष 30 मार्च को "राजस्थान दिवस" मनाया जाता है।
Tags : राजस्‍थान राजस्थान प्रश्नोत्तरी सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Rajasthan Ka Purana Naam Kya Tha