जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी का अर्थ

(A) बन्धओं के मध्ये गरीब होकर रहना उचित नहीं है।
(B) मूर्खों के साथ स्वर्ग में रहना भी अच्छा नहीं है।
(C) जननी और जन्म-भूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ होती है।
(D) निवृक्ष प्रदेश में एरण्ड भी पेड़ कहलाने लगता है।

Answer : जननी और जन्म-भूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ होती है।
Explanation : जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी का अर्थ जननी और जन्म-भूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ होती है। यह संस्कृत की प्रसिद्ध कहावत है। जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी श्लोक, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी मीनिंग इन हिंदी शब्दार्थ है जननी और जन्म-भूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ होती है। संस्कृत के मुहावरे एवं संस्कृत लोकोक्तियाँ के अर्थ सामान्य हिंदी के पेपर में अक्सर पूछे जाते है। संस्कृत की एक प्रचलित कहावत यह भी है–
आत्मवत् सर्व भूतानि।
अर्थ – सभी प्राणियों को अपने समान समझना चाहिए।
Tags : संस्कृत मुहावरे, संस्कृत लोकोक्तियाँ
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Web Title : Janani Janmabhumischa Swargadapi Gariyasi