जिन दिन देखे वे कुसुम गई में कौन सा अलंकार है?

(A) अन्योक्ति अलंकार
(B) व्यतिरेक अलंकार
(C) अतिशयोक्ति अलंकार
(D) प्रतिवस्तूपमा अलंकार

Answer : अन्योक्ति अलंकार
Explanation : जिन दिन देखे वे कुसुम गई सु बीति बहार। अब अलि रही गुलाब मैं अपत कँटीली डार॥ पंक्ति में अन्योक्ति अलंकार होता है। इस दोहे में 'अलि' (भौरे) के माध्यम से कवि ने किसी गुणवान अथवा कवि की ओर संकेत किया है जिसका आश्रयदाता अब पतझड़ के गुलाब की तरह पत्र-पुष्पहीन (धनहीन) हो गया है। यहां गुलाब और भौरे के माध्यम से ​आश्रित कवि और आश्रयदाता का वर्णन किया गया है।
अन्योक्ति अलंकार की परिभाषा – जहां अप्रस्तुत के द्वारा प्रस्तुत का व्यंग्यात्मक कथन किया जाए, वहां 'अन्योक्ति' अलंकार होता है। सामान्य हिंदी प्रश्न पत्र में अन्योक्ति अलंकार संबंधी प्रश्न पूछे जाते है। इसलिए यह प्रश्न आपके लिए कर्मचारी चयन आयोग, बीएड, आईएएस, सब इंस्पेक्टर, पीसीएस, बैंक भर्ती परीक्षा, समूह 'ग' आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी साबित होगें।
Tags : अन्योक्ति अलंकार, अलंकार, अलंकारिक शब्द
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
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Web Title : Jin Din Dekhe Ve Kusum Gayi Main Alankar