रावण सिर-सरोज-वनचारी में कौन सा अलंकार है?

(A) श्लेष अलंकार
(B) रूपक अलंकार
(C) उत्प्रेक्षा अलंकार
(D) उल्लेख अलंकार

Answer : श्लेष अलंकार
Explanation : रावण सिर-सरोज-वनचारी। चलि रघुवीर सिलीमुख धारी। पंक्ति में शब्द श्लेष अलंकार होता है। सिलीमुख = बाण तथा भौंरा (भ्रमर) यहां सिलीमुख (शिलीमुख) शब्द के उपर्युक्त दो अर्थ होने कारण ही चमत्कार उत्पन्न है। यदि इसके बजाय बाण या इसका अन्य पर्याय रख दिया जाय तो इस छन्द का अर्थ सौन्दर्य नष्ट हो जायेगा।
श्लेष अलंकार की परिभाषा – 'श्लेष' का अर्थ है 'चिपकना'। जहां एक शब्द एक ही बार प्रयुक्त होने पर दो अर्थ दें वहां श्लेष अलंकार होता है। दूसरे शब्दों में जहां एक ही शब्द से दो अर्थ चिपके हों वहां श्लेष अलंकार होता है। सामान्य हिंदी प्रश्न पत्र में श्लेष अलंकार संबंधी प्रश्न पूछे जाते है। इसलिए यह प्रश्न आपके लिए कर्मचारी चयन आयोग, बीएड, आईएएस, सब इंस्पेक्टर, पीसीएस, बैंक भर्ती परीक्षा, समूह 'ग' आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी साबित होगें।
Tags : अलंकार, अलंकारिक शब्द, श्लेष अलंकार
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
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Web Title : Ravan Sir Saroj Vanchari Main Alankar