‘समाजशास्त्र का अतीत बहुत लंबा है, किंतु इसका इतिहास संक्षिप्त है’ किसका कथन है?

(A) के. डेविस
(B) राबर्ट बीयरस्टीड
(C) ई. दुर्थीम
(D) मैकाइवर एवं पेज

Answer : राबर्ट बीयरस्टीड
Explanation : 'समाजशास्त्र का अतीत बहुत लंबा है, किंतु इसका इतिहास संक्षिप्त है', यह कथन राबर्ट बीयरस्टीड का है। समाजशास्त्र के ऐतिहासिक विकास के अध्ययन से संबंधित है। समाजशास्त्र सामाजिक संस्थाओं के रूप में जीवन के विभिन्न चरण, परंपरा, रीति-रिवाज आदि का अध्ययन करता है। समाजशास्त्र को इन सभी तथ्यों के अध्ययन के लिए इतिहास पर निर्भर रहना पड़ता है। इतिहास को जाने बिना वर्तमान का अध्ययन नहीं किया जा सकता। किसी भी समाज के अध्ययन एवं वास्तविक मूल्यांकन के लिए उसके इतिहास का ज्ञान आवश्यक है। दूसरी ओर इतिहास भी समाजशास्त्र द्वारा प्रतिपादित समाज व संगठन के सिद्धांतों की सामान्य दृष्टि को अध्ययन के लिए आधार बनाता है। इतिहास के द्वारा रीति-रिवाज, परंपराएँ, मनोवृत्तियाँ, विचार, मूल्य, दर्शन आदि की जानकारी ली जाती है। इतिहास समाज की गतिशीलता पर प्रकाश डालता है, और समाजशास्त्रीय अध्ययन में सहायक सिद्ध होता है।
Tags : समाजशास्त्र प्रश्नोत्तरी
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
करेंट अफेयर्सजीके 2021 अपडेट के लिए टेलीग्राम पर सब्सक्राइब करें
Related Questions
Web Title : Samajashastr Ka Atit Bahut Lamba Hai Kintu Isaka Itihas Sankshipt Hai Kiska Kathan Hai