”ईशावास्यमिदं सर्वं” का अर्थ

(A) परस्त्री के विषय में बात करना अशिष्टता है।
(B) सदाचार का उल्लड़्घन नहीं करना चाहिए।
(C) सम्पूर्ण जगत् के कण-कण में ईश्वर व्याप्त है।
(D) इनमें से कोई नहीं

Answer : सम्पूर्ण जगत् के कण-कण में ईश्वर व्याप्त है।
Explanation : संस्कृत सूक्ति 'ईशावास्यमिदं सर्वं' का हिंदी में अर्थ– सम्पूर्ण जगत् के कण-कण में ईश्वर व्याप्त है। संस्कृत की यह सूक्ति ईशावास्योपनिषद्-मन्त्र 1 से ली गई है। State TET, CTET, TGT, PGT आदि परीक्षाओं के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत सूक्तियां हिंदी में अर्थ सहित पढ़े–
'अत्यादर: शंकनीय:।' (मुद्राराक्षस अड़्क-1)
हिंदी में अर्थ– अत्यधिक आदर किया जाना शड़्कनीय है।

'अनार्य: परदारव्यवहार:।' (अभिज्ञान शाकुन्तलम् अड़्क-7)
हिंदी में अर्थ– परस्त्री के विषय में बात करना अशिष्टता है।

यान्त्येवं गृहिणीपदं युवतयो वामा: कुलस्याधय: (अभिज्ञान शाकुन्तलम् 4/18)
हिंदी में अर्थ– अच्छा आचरण करने वाली स्त्रियां गृहलक्ष्मी पद पर अधिष्ठित होती हैं और इसके विपरीत चलने वाली कुल के लिए अभिशाप होती हैं।
Tags : संस्कृत, संस्कृत सूक्ति
Useful for : UPSC, State PSC, IBPS, SSC, Railway, NDA, Police Exams
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Web Title : Ishavasya Midam Sarvam