सामाजिक नियंत्रण के चेतन व अचेतन स्वरूप का उल्लेख किसने किया?

(A) चार्ल्स कूले
(B) गुरविच तथा मूरे
(C) लेपियर
(D) कार्ल मैनहीम

Answer : चार्ल्स कूले
Explanation : सामाजिक नियंत्रण के चेतन व अचेतन स्वरूप का उल्लेख चार्ल्स कूले ने किया है। कूले के अनुसार सामाजिक घटनायें दो प्रकार से समाज को नियंत्रित करती हैं। चेतन नियंत्रण-मनुष्य अपने जीवन में अपने समूह के लिए कई कार्य तथा व्यवहार जागरूक अवस्था में सोच-समझ कर करता है। यह चेतन अवस्था कहलाती है। जागरूक अवस्था में किया गया कोई भी कार्य चेतन नियंत्रण कहलाता है। अचेतन नियंत्रण- प्रत्येक समाज या समूह की अपनी संस्कृति, प्रथायें, रीति-रिवाज, लोकाचार, परम्परायें तथा संस्कारों से निरन्तर प्रभावित होकर उनके अनुरूप ही समाज व समूह के प्रति व्यवहार करता है, इन प्रथाओं रीति-रिवाजों या धार्मिक संस्कारों के प्रति व्यक्ति अचेतन रूप से जुड़ा रहता है और जीवन पर्यन्त वह उसकी अवहेलना नहीं कर पाता, जो समाज व समूह को नियंत्रित करने में अपनी प्रमुख भूमिका निभाते हैं। यह अचेतन नियंत्रण कहलाता है।
Tags : समाजशास्त्र प्रश्नोत्तरी
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Web Title : Samajik Niyantran Ke Chetan Va Achetan Swaroop Ka Ullekh Kisne Kiya