गौड़ीय संप्रदाय के प्रवर्तक कौन है?

(A) स्वामी विवेकानंद
(B) श्री अरबिंदो
(C) चैतन्य महाप्रभु
(D) विश्वनाथ दत्ता

Answer : चैतन्य महाप्रभु
Explanation : गौड़ीय संप्रदाय के प्रवर्तक चैतन्य महाप्रभु है। इनका जन्म बंगाल के नवद्वीप नामक ग्राम में शक संवत 1407 की फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को हुआ था। इनके पिता का नाम श्री जगन्नाथ मिश्र और माता का नाम शची देवी था। यह भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे। इन्हें लोग श्रीराधा का अवतार मानते हैं। बंगाल के वैष्णव तो इन्हें भगवान का ही अवतार मानते हैं। श्री चैतन्य महाप्रभु विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। न्याय शास्त्र में इनको प्रकांड पांडित्य प्राप्त था। चौबीस वर्ष की अवस्था में श्री चैतन्य महाप्रभु ने गृहस्थाश्रम का त्याग करके संन्यास लिया। इनके गुरु का नाम श्रीकेशव भारती था। चैतन्य-चरितामृत के अनुसार इन्होंने कई कुष्ठ रोगियों और असाध्य रोगों से पीड़ितों को रोग मुक्त किया था।
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Web Title : Gaudiya Sampradaya Ke Pravartak Kaun Hai